मध्यप्रदेश की ग्रामीण सड़कों के रख-रखाव पर दें ध्यान : मंत्री पटेल

पहले चरण में निर्मित समस्त सड़कों में बने रपटे आवागमन के लिए हों बारहमासी
मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की कार्यकारिणी समिति की हुई बैठक

भोपाल 
मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के तहत बनी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों के रख रखाव पर प्राधिकरण पूरा ध्यान दे। योजना के पहले चरण में निर्मित समस्त सड़कों में बने रपटे में बारहमासी आवागमन सुनिश्चित रहे। यह निर्देश पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मंगलवार को मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण समिति की 26वीं बैठक में दिये। बैठक में अपर मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण श्री दीपक आर्य सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

ये भी पढ़ें :  मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान के तहत विधायक अरविंद पटेरिया ने किया क्षेत्र में भ्रमण

मंत्री श्री पटेल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित सड़कों के संधारण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग के इंजीनियर्स को गुणवत्तापूर्ण कार्यों के लिए मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क अकादमी में प्रशिक्षित भी किया जाए। नवीन तकनीक के उपयोग से उन्‍हें अवगत कराया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित सड़कों के संधारण का दायित्व प्राधिकरण को सौंपा गया है। प्राधिकरण द्वारा अब तक 88 हजार 517 किलोमीटर लंबाई के 25 हजार 331 मार्गों का निर्माण किया जा चुका है। प्राधिकरण द्वारा अभी तक कुल 66 हजार 292 किलोमीटर बिटुमिन नवीनीकरण किया गया है। इनमें से लगभग 15 हज़ार 900 किलोमीटर लंबाई का नवीनीकरण वेस्ट प्लास्टिक तकनीकी का उपयोग करते हुए किया गया है। संधारण के अंतर्गत स्व सहायता समूहों द्वारा 14 ज़िलों के 114 मार्गों पर संधारण कार्य किया जा रहा है। ख़ास बात यह है कि ऐसे 115 स्व-सहायता समूह में 1270 महिलाएँ भी कार्य कर रही है।

ये भी पढ़ें :  मातृ-शक्ति का योगदान भारत को दुनिया की तीसरी अर्थव्यस्था बनने में करेगा सहयोग: मंत्री पटेल

बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना अंतर्गत सड़क सम्पर्कता प्रदान करने के लिए लगभग 30 हजार 900 किलोमीटर मार्ग निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसकी लागत 21 हजार 630 करोड़ रुपये है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क के चतुर्थ चरण का कार्य दिसंबर 2024 से प्रारंभ हुआ है। इसमें 868 सड़कों का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। इनकी कुल लंबाई 1849 किलोमीटर और लागत 1545 करोड़ रुपये है। इन सड़कों के बनने से ग्रामीण क्षेत्र की 878 बसाहटें लाभान्वित होंगी। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में भारी वाहनों के आवागमन से क्षतिग्रस्त सड़कों के उन्नयन पर ध्यान दिया जाए। 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment